Eiilm
  • header_1
  • header_2
  • header_3
  • header_4

Vishwa Jat Maha Sangh, Jatdham, Vrindavan (Mathura) UP
Government of India Ministry of Home Recognized no. 136570021
Meditational Religious Research & Charitable benevolent, Vountary Trust



About Jat
Jat History


वर्तमान सृष्टि में जाट उत्पत्ति को विक्रमी संवत 2073 में 1,97,29,49,117 वर्ष व्यतीत हो चुके हैं। जाट राज्यों को स्थापित हुए 12,05,33,117 वर्ष 1952 में व्यतीत हो चुके हैं। वर्तमान युग प्रजातन्त्र युग है, इसमें कोई राजा नहीं है। महाभारत में जाट भगवान को प्रगट हुए 5,150 वर्ष के करीब हो गये हैं। भगवान श्री कृष्ण ने मथुरा को छोड़ते समय जाट संघ की स्थापना की थी। उस जाट संघ ने अरब, ईरान और मध्य एशिया पर 3944 वर्ष तक राज किया है। ईसा को करीब 2100 वर्ष हिन्दुओं को 2800 वर्ष राजपूतों को करीब 1600 वर्ष और मुसलमान (इस्लाम) को करीब 1440 वर्ष हुए हैं।
भगवान श्रीकृष्ण के अन्तिम दर्शन....

About Trust
Vishwa Jat Mahasaangh


15 अगस्त 1980 में कुँवर रघुनाथ सिंह जी रईस आँगई स्टेट ने वृन्दावन की भूमि भवन भूखण्डों पर विश्व जाट महासंघ के नाम से ट्रस्ट स्थापित करने का प्रस्ताव पास किया और बसीयत बिल ट्रस्ट के नाम करके जाट साहित्य शोध संघ बनाया था। उसका अध्यक्ष कुँ कृष्ण प्रताप सिंह को बनाया और ठा0 तेज सिंह को संरक्षक मनोनीत किया तथा चौ0 महेन्द्र पाल सिंह बाल्यान विसारा जिला अलीगढ व चौ0 महेन्द्र सिंह विधायक खेडा किशन (खैर अलीगढ) डा0 राजपाल सिंह मुरसान अलीगढ़, श्री रामखिलाडी वर्मा लेखपाल चकबन्दी राया, मथुरा, चौ0 श्याम सिंह शहदपुर बुलन्दशहर, चौ0 बलवीर सिंह चन्दुपुरा बिजनौर, सदस्य मनोनीत किये और शेष सम्पूर्ण क्रिया कलापों को पूर्ण करने का नेतृत्व कुँ. रामप्रताप सिंह आर्य को दिया था। जाट साहित्य शोध संघ के पूर्ण अधिकारी, पदाधिकारी एवं सदस्य और संरक्षक स्वर्ग चले गये हैं। पुनः शीघ्र चयन हेतु संस्था विचार कर रही है।

Kunwar R.P. Singh Arya
Chief Secretory


31 दिसम्बर 1986 में कुँ. रामप्रताप सिंह आर्य ने ट्रस्ट विधियुक्त पंजीकृत कराके भारत सरकार से मान्यतायें प्राप्त की हैं। ट्रस्ट भूमि सम्पत्ति 132 करोड की बिल द्वारा ट्रस्ट का नाम राजस्व अभिलेख खसरा खतौनी नक्शा में हुआ है। अवलोकनार्थ वर्तमान अभिलेख राजस्व तथा न्यायालय आदेश अन्त में संलग्न हैं। मुख्यालय ट्रस्ट विश्व जाट महासंघ आँगई कोठी जाटधाम भाग राजपुर परिक्रमा मार्ग वृन्दावन मथुरा में है। भूमाफियाओं ने पुलिस सहयोग से ट्रस्ट भूमि भवन भूखण्डों पर अतिक्रमण किया है। जिला प्रशासन ने सहयोग किया पर माननीय उच्च न्यायालय ने डीएम, एसडीएम, एसओसी, सीओ पर कन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट के आदेश किये हैं। सब प्रचिलित हैं। जिला न्यायालय द्वारा पुलिस के एसआई, एसएसआई, सीओ, कोतवाल14 अधिकारियों के न्यायालय ए.डी.जे. पंचम ने एसटी नं. 327 में एनबीडब्ल्यू किये हैं जो कि प्रचिलित हैं, तथा सिविल न्यायालय में एसआई,सीओ,एसपी, आदि पर कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट चल रहा है। पुलिस ने जो कब्जे और लूट कराई थी उनमें एफ आर लगा दी थी उन पर लोक आयुक्त के हस्तक्षेप पर जांच दौरान दो पुलिस अधिकारी दोषी पाये गये हैं, उन पर विभागीय दण्डात्मक कार्यवाही प्रचिलित है। वर्तमान में पुलिस पुनः अतिक्रमण करा रही है की कार्यवाही ट्रस्ट ने प्रारम्भ कर दी है। माननीय उच्च न्यायालय में सब रिट प्रचिलित हैं। जो आदेश हुए हैं उनके अनुपालन हेतु डीएम, एसओसी, सीओ से निवेदन कर रहे हैं।



Vishwa Jat Mahasangh
Parikrama Marg, Near Gore Dauji, Attala Chungi Jat Dham, Vrindavan-281121
Uttar Pradesh, INDIA

Contact
9927095289, 9457819701, 7599963432, 8938932145

Email
vishvjatmahasangh@gmail.com, jatdham@gmail.com, jattrustindia@gmail.com

Website
http://www.jattrust.in

Leave a Message


How to Reach



© Copyright 2009-2018 : Vishwa Jat Mahasangh | Powered By : Market Mirror